मैसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के वैज्ञानिकों ने जैली जैसी दवा (गोली) बनाई है जो पेट में जाने के बाद अपना आकार बढ़ाएगी। इस दवा से पेट में पल रहे ट्यूमर या अल्सर का पता लगाया जा सकेगा। यह गोली पफर फिश से प्रेरणा लेकर बनाई गई है जो खतरा सामने होने पर गुब्बारे की तरह अपना आकार बढ़ा लेती है।
दो हाइड्रोजेल से बनाई गई दवा
इस गोली को दो किस्म के हाइड्रोजेल से बनाया गया है। इसका अंदरूनी हिस्सा सोखने वाले पार्टिकल्स से, जबकि बाहरी हिस्सा सुरक्षात्मक झिल्ली से तैयार किया गया है।
दवा को स्थिरता देने के लिए इसे जैली से बनाया गया है। इसके चलते यह पेट में जल्द ही आकार बढ़ा लेगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि कैल्शियम के घोल को गोली से किसी भी समय हटाया जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने लैब में गोली का प्रयोग किया। इसे पानी में डाला गया। पानी में पेट में पाए जाने वाले जठर रस भी मिलाए गए। 15 मिनट में ही गोली अपने मूल आकार से 100 गुना ज्यादा फूल गई।
फिलहाल इस गोली का सुअरों पर परीक्षण किया गया है। सुअर के पेट-आंतों की संरचना इंसान जैसी ही मानी जाती है। गोली में टेम्परेचर सेंसर लगाकर इसे सुअरों को खिलाया गया। गोली से पेट के अंदर की 30 दिनों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
एमआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर शुआनहे झाओ का कहना है कि हमारा मकसद एक ऐसी स्मार्ट गोली तैयार करना था जिससे मरीज के पेट की स्थिति पर लंबे समय तक नजर रखी जा सके। इसमें लगे सेंसरों से बैक्टीरिया और वायरस की पहचान हो सकेगी। वैज्ञानिक गोली में एक सूक्ष्म कैमरा लगाने के बारे में भी विचार कर रहे हैं ताकि ट्यूमर में बढ़ोतरी देखी जा सके।
आयकर में मिलेगी राहत?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अंतरिम बजट 2019 में (interim budget 2019) आयकर ( income tax) में छूट का दायरा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए तक किया जा सकता है। लोकसभा चुनाव नज़दीक है लिहाज़ा इस बात की पूरी संभावना है कि इनकम टैक्स में छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है। भी 2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स देना पड़ता है। जबकि 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक की इनकम पर 20 फीसदी टैक्स तय है। अगर आपकी आय 10 लाख रुपए से ज्यादा है तो 30 फीसदी इनकम टैक्स लगाया जाता है।
पीयूष गोयल रेलमंत्री भी हैं। इसलिए माना जा रहा है कि अंतरिम बजट में वो रेलवे को लेकर भी कुछ खास घोषणाएं कर सकते हैं। वैसे इस बात की संभावना कम ही है कि यात्रा किराया या फिर माल की ढुलाई पर लगने वाले चार्ज में कुछ राहत दी जाएगी। नई ट्रेनों की घोषणा भी मुमकिन नहीं है। सरकार काफी पहले ही साफ कर चुकी है उसका जोर रेलवे की सेवाओं को बेहतर बनाने पर ज्यादा है। हालांकि, ये माना जा रहा है कि ट्रेन 18 जैसी नई रेलवे परियोजनाओं को लेकर कोई घोषणा इस अंतरिम बजट में की जाए।
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