Monday, February 25, 2019

奥斯卡2019:完整获奖名单

今年奥斯卡金像奖在美国洛杉矶落下帷幕。《波西米亚狂想曲》(Bohemian Rhapsody)是最大赢家获得包括最佳男演员在内的四项奖。 《黑豹》(Blank Panther),《绿皮书》(Green Book),《绿薄旅友》)和《罗马》(Roma) 分获三项奖。 以下是今年完整获奖名单。

最佳影片:《绿皮书》

最佳女演员:奥利维娅·科尔曼(Olivia Colman,奧莉花高雯),《宠儿》(The Favourite,《真宠》)

最佳男演员:拉米·马雷克(Rami Malek),《波西米亚狂想曲》(Bohemian Rhapsody)

最佳女配角:雷吉娜·金(Regina King),《假若比尔街能说话》(If Beale Street Could Talk)

最佳男配角:马赫沙拉•阿里(Mahershala Ali,马许沙拉艾利),《绿皮书》

最佳导演:阿方索·卡隆(Alfonso Cuaron,艾方素·柯朗)《罗马》(Roma)

最佳原创剧本:《绿皮书》,尼克·瓦仑加(Nick Vallelonga), 布莱恩·库瑞(Brian Currie)、彼得·法拉利(Peter Farrelly)

最佳改编剧本:《黑色党徒》(BlacKkKlansman,《卧底天王/黑白三K党》)- 查利·瓦赫特尔(Charlie Wachtel)、大卫·拉比诺维茨(David Rabinowitz)、凯文·威尔默特(Kevin Willmott)、史派克·李(Spike Lee,史碧奇李)

最佳动画片:《蜘蛛人:平行宇宙》(Spider-Man: Into the Spider-Verse,《蜘蛛人:新宇宙》)

最佳外语片:《罗马》- 墨西哥

最佳纪录短片:《徒手攀岩》(Free Solo)

最佳原创歌曲:《浅滩》(Shallow)(出自影片《一个明星的诞生/星梦情深》A Star Is Born)- Lady Gaga、马克·朗森(Mark Ronson)、安东尼·罗索曼多(Anthony Rossomando)、安德鲁·怀亚特(Andrew Wyatt)

最佳视觉效果:《登月第一人》(First Man)- 保罗·兰伯特(Paul Lambert)、伊恩·亨特(Ian Hunter)、特里斯坦·迈尔斯(Tristan Myles)、J.D.施沃姆(JD Schwalm)

最佳化妆与发型设计:《副总统》(Vice,《为副不仁》)- 格雷戈·坎纳姆(Greg Cannom)、 凯特·比斯科(Kate Biscoe)、帕特丽夏·德哈尼(Patricia DeHaney)

最佳音效剪辑:《波西米亚狂想曲》- 保罗·梅希(Paul Massey), 蒂姆·卡弗金(Tim Cavagin)、约翰·卡萨里(John Casali)

Tuesday, February 19, 2019

सूरत के व्यापारी ने साड़ी पर मोदी के साथ सैनिक और फाइटर प्लेन प्रिंट करवाए

सूरत. डायमंट सिटी के मिलेनियम मार्केट के कपड़ा व्यापारी कैलाश तोडी, विवेक तोडी और कमल कुमार तोडी ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए खास साड़ियां प्रिंट करवाई हैं। जिसमें हाथ में बंदूक लिए हुए सैनिक, फाइटर प्लेन और पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो छपी है।

साड़ी की कीमत 580 से 700 रुपए
शिफॉन और वेटलेस मैटेरियल पर आकर्षक डिजिटल प्रिंट की इन साड़ियों की बाहर के व्यापारी भी डिमांड कर रहे हैं। अभी चार अलग-अलग डिजाइन कॉम्बिनेशन में 1600 साड़ियां प्रिंट हुई हैं, जिसकी पहले ही दिन से भारी डिमांड है। सोमवार को दुकान पर आए राजस्थान, एमपी और महाराष्ट्र के कपड़ा व्यापारियों ने इनकी बुकिंग की।

इन खास साड़ियों की कीमत 580 से 700 रुपए तकत है। व्यापारियों का कहना है कि इन्हें पहनकर देश की महिलाओं को गर्व महसूस होगा। दुश्मन को देश की ताकत दिखाने के लिए उनके दिमाग में यह विचार आया।

व्यापारी कैलाश तोडी का कहना है कि हमारे पास भी पाकिस्तान और आतंकवादियों को मार गिराने की क्षमता है। इस साड़ी के जरिए मैंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है।

व्यापारी अरुण पाटोदिया ने कहा कि वो मिलेनियम मार्केट में साड़ी खरीदने आए थे। कैलाश की दुकान पर पहुंचे तो सैनिक, फाइटर प्लेन और मोदी की तस्वीर वाली साड़ी देखी। प्रिंट और इसमें इस्तेमाल मैटेरियल देखकर बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने दूसरे राज्यों के अपने ग्राहकों को इस साड़ी की तस्वीर भेज दी है। वहां से भी इसके आर्डर मिल रहे हैं।

दुल्हन के भाई ने कहा- देखा नहीं गया तो घर चला आया

दुल्हन रेखा के मामा के बेटे बापूलाल ने बताया, ‘‘मैं भी बहन रेखा की बिंदोली में शामिल था। हम रेखा को घोड़ी पर बैठाकर नाचते-गाते रामदेवजी के मंदिर जा रहे थे। हम मंदिर से करीब 500 मीटर दूर ही थे कि तेज रफ्तार ट्रक लोगों को कुचलता हुआ निकल गया। पीछे देखा तो लाशें बिखरी पड़ी थीं। कुछ लोग आखिरी सांसें गिन रहे थे। यह देखकर मैं तो बुरी तरह डर गया। भागकर अपने दो बच्चाें और भाई के पास गया और उनके साथ घर चला गया।’’

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 नवम्बर को अपने संसदीय क्षेत्र को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। इस दिन वह वाराणसी से हलदिया के बीच जलमार्ग शुरू करने के लिए बनारस में बने मल्टी मॉडल टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय सड़क एवं जहाज रानी मंत्री नीतिन गडकरी, राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। हरहुआ तिराहे पर एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

बनारस में बने मल्टी मॉडल टर्मिनल को जलमार्ग विकास प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है। इसके शुरू होने के बाद वाराणसी-हलदिया के बीच भारी मालवाहक पोतों के आवागमन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसको पूरी तरह से पर्यावरण फ्रेंडली बनाया गया है। इसकी लागत 5369.18 करोड़ रुपए है। इसका 50 फीसदी हिस्सा भारत सरकार ने दिया है, जबकि बाकी का 50 फीसदी विश्व बैंक ने दिया है। इसका निमार्ण 33 हेक्टेयर क्षेत्र में किया गया है। वाराणसी से हलदिया के बीच इस तरह के तीन टर्मिनल होंगे। दूसरा साहेबगंज और तीसरा हलदिया में होगा।

इसके अतिरिक्त पीएम मोदी वाराणसी से पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के लिए निकलने वाले दो राष्ट्रीय राजमार्गों को भी देश को समर्पित करेंगे। इनकी लम्बाई 34 किलोमीटर होगी जबिक इसे बनाने में 1571.95 करोड़ रुपए की लागत आई है।

Wednesday, February 13, 2019

क्या 'राम मंदिर निर्माण' के लिए सुषमा स्वराज के सामने अरबी शेख ने गाया भजन?

सोशल मीडिया पर भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का एक पुराना वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि कुवैत दौरे पर एक शेख ने सुषमा स्वराज के सामने राम-मंदिर निर्माण के समर्थन में गीत गाया था.

फ़ेसबुक पर इस वीडियो को बीते 48 घंटे में लाखों बार देखा जा चुका है और मंगलवार को भी हज़ारों नए लोगों ने इस वीडियो को फ़ेसबुक पर शेयर किया.

अधिकांश लोगों ने इस वीडियो को एक ही 'संदेश' के साथ शेयर किया है और वो संदेश है: "अभी कुछ दिन पहले सुषमा स्वराज कुवैत गई थीं. वहाँ उनके सम्मान में शेख मुबारक़ अल-रशीद ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के समर्थन में एक गीत गाया और हमारा दिल जीत लिया. अवश्य देखें."

इस वायरल वीडियो में अरब देशों की पोशाक पहने एक शख़्स को गीत गाते सुना जा सकता है जिसके बगल में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बैठी हुई हैं.

वायरल वीडियो में गायक के बोल हैं: "जो राम का नहीं, मेरे काम का नहीं. बोलो राम मंदिर कब बनेगा!"

उनके पीछे कुवैत दौरे से जुड़ा एक बोर्ड भी दिखाई देता है. साथ ही वीडियो पर समाचार एजेंसी एएनआई का चिह्न भी लगा हुआ है.

लेकिन जब हमने इस वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि ये सभी दावे झूठे हैं और वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है. साल 2018 के अंत में भी इस फ़र्ज़ी वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर किया गया था.

कुवैत के वीडियो का सच
रिवर्स सर्च से हमें पता चला कि ये वीडियो 30 अक्तूबर 2018 का है.

भारत के सरकारी न्यूज़ चैनल डीडी के अनुसार ये वीडियो अरब देश कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संवाद कार्यक्रम का है.

इस कार्यक्रम में कुवैत में रह रहे भारतीय मूल के लोगों ने सुषमा स्वराज के सामने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया था.

कुवैत के स्थानीय गायक मुबारक़ अल-रशीद भी इस कार्यक्रम का हिस्सा थे. उन्होंने बॉलीवुड के दो गाने सुनाने के बाद महात्मा गांधी का सबसे पसंदीदा कहा जाने वाला गुजराती भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहिये' सुषमा स्वराज को गाकर सुनाया था.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने भी 31 अक्तूबर 2018 को मुबारक़ अल-रशीद का वीडियो ट्वीट किया था.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के मुताबिक़ मुबारक़ अल-रशीद का नाम उन '124 देशों के संगीतकारों की फ़ेहरिस्त' में भी शामिल था जिन्होंने महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष के अवसर पर अपने-अपने देशों से 'वैष्णव जन तो तेने कहिये' भजन की वीडियो भेजी थी.

लेकिन इस कार्यक्रम के जिस वीडियो को बेहद ख़राब स्तर की एडिटिंग के ज़रिए बदला गया है वो समाचार एजेंसी एएनआई न्यूज़ का है जिसे यूट्यूब पर देखा जा सकता है.

Wednesday, February 6, 2019

पेरिस के एक अपार्टमेंट में लगी भीषण आग, 10 लोगों की मौत

दक्षिण-पश्चिमी पेरिस में एक आठ मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में दस लोगों की मौत हो गई है. दमकल के एक अधिकारी ने ये जानकारी दी है.

इसके अलावा इस हादसे में छह अग्निशमन दल के लोगों सहित कुल 30 लोग घायल हुए हैं और राहत बचाव काम में लगभग 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है.

पेरिस के अभियोजक का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में एक महिला को हिरासत में लिया है.

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस हादसे पर कहा, '' हम आज एक त्रासदी की ख़बर के साथ जागे हैं.''

एर्लांगर रोड पर स्थित 1970 के वक्त की एक इमारत की सातवीं और आठवीं मंजिल पर रात 1 बजे (स्थानीय समयानुसार) फैल गई. कुछ लोग आग से बचने के लिए आस-पास की छतों पर जा पहुंचे थे.

फ्रांस के एक न्यूज टेलीविज़न को एक चश्मदीद ने बताया, ''लगभग साढ़े 12 बजे आग लगी. भारी धुआं हर ओर फैला हुआ था. मैं आठवीं मंज़िल पर रहता हूं और किसी तरह मैं एक बालकनी से दूसरी बालकनी पर जा कर बच सका. मैं जहां था वहां लोग आने की कोशिश कर रहे थे.''

अग्निशमन सेवा के प्रवक्ता ने एएफ़पी को बताया, ''लगभग पांच घंटे के ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पाया जा सका. मरने वालों की संख्या में इज़ाफ़ा हो सकता है.''

इस मामले की जांच फ़्रांस की पुलिस कर रही है. फ़्रेंच मीडिया का कहना है कि एक महिला ने इमारत के पास खड़ी एक कार में आग लगाने की कोशिश की.

पेरिस के अभियोजक रेमी हेज़ ने बताया कि अभी संदिग्ध को मनोचिकित्सक की देख-रेख में रखा गया है.

पेरिस की मेयर एनी हैडाल्गो ने इस घटना पर शोक जताया है और मरने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

Monday, February 4, 2019

रोबोट के दौर में नौकरी बचाने के तीन तरीके

जैसे-जैसे मशीनों की कृत्रिम मेधा अधिक उपयोगी और व्यापक हो रही है, श्रमिकों को चिंता होने लगी है कि स्वचालन का नया युग उनके करियर की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है.

प्यू रिसर्च के एक ताज़ा अध्ययन में पाया गया कि विकसित और उभरती हुई 10 अर्थव्यवस्थाओं में ज़्यादातर श्रमिकों को लगता है कि अभी जो काम इंसान करते हैं, अगले 50 साल के अंदर उनमें से ज़्यादातर काम कंप्यूटर करेंगे.

रोजगार बाज़ार पर कृत्रिम मेधा और स्वचालन के प्रभावों को लेकर श्रमिकों की बेचैनी साफ-साफ दिखती है.

कार्यबल का कितना हिस्सा स्वचालित हो जाएगा, इस बारे में अलग-अलग अनुमान हैं. ये अनुमान 9 फीसदी से लेकर 47 फीसदी तक जाते हैं.

आर्थिक सलाहकार कंपनी मैकिंज़ी का अनुमान है कि 2030 तक रोबोट दुनिया भर में 80 करोड़ मजदूरों के बराबर काम करने लगेंगे.

कुछ नौकरियां नाटकीय रूप से बदल जाएंगी जबकि कुछ दूसरी नौकरियां पूरी तरह से गायब हो जाएंगी.

स्वचालन यदि रोजगार बाज़ार को म्यूजिकल चेयर के गेम की तरह बदल रहा है तो क्या यह सुनिश्चित करने का कोई तरीका है कि म्यूजिक बंद होने के बाद भी आपकी नौकरी बची रहे?

नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट जोसेफ एऑन के मुताबिक भविष्य में नौकरी सुरक्षित रहे, यह सही नौकरी चुनने पर कम और कुशलता को लगातार बढ़ाते रहने पर ज़्यादा निर्भर करेगा.

एऑन 'रोबोट प्रूफ़ : हायर एजुकेशन इन द एज़ ऑफ़ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस' नामक किताब के लेखक भी हैं.

वह कहते हैं कि यदि श्रमिकों को नये वातावरण में ढलना है तो शिक्षा को पूरी तरह बदलना होगा. वह इस समस्या का निदान ह्यूमैनिक्स (humanics) में देखते हैं, जिसके तीन बुनियादी स्तंभ हैं:

1. तकनीकी दक्षता
यह समझना कि मशीनें कैसे काम करती हैं और उनसे बातचीत कैसे की जाती है.

जैसे-जैसे कृत्रिम मेधा और रोबोटिक्स की क्षमता बढ़ रही है, मशीनें उन भूमिकाओं में भी प्रवेश करेंगी जिनमें अभी इंसान का एकाधिकार है.

कुछ कर्मचारी नहीं टिक पाएंगे, लेकिन अन्य लोग मशीनों के साथ काम करने लगेंगे और शायद वे पहले से कहीं ज़्यादा उत्पादक भी हो जाएंगे.

नये कार्यस्थलों में कोडिंग और इंजीनियरिंग सिद्धांतों की समझ रखने वाले श्रमिकों को तवज्जो मिलेगी.

2. डेटा अनुशासन
मशीनों द्वारा उत्पन्न सूचनाओं को संभालना.

श्रमिकों को सूचनाएं पढ़ने, उनका विश्लेषण और इस्तेमाल करने के लिए डेटा साक्षर होना पड़ेगा. ये सूचनाएं अब प्रमुख व्यावसायिक फ़ैसलों से लेकर स्टॉक के चुनाव और खरीद निर्णय तक सब कुछ निर्देशित कर रही हैं.

इंसान ऐसा क्या कर सकते हैं जो निकट भविष्य में मशीनें नहीं कर सकतीं.

एऑन इसमें रचनात्मकता, सांस्कृतिक चपलता, हमदर्दी और एक संदर्भ से जानकारी लेने और दूसरे संदर्भ में उसे लागू करने की काबलियत को रखते हैं. शैक्षिक दृष्टि से इसका अर्थ है कक्षा पर कम और प्रायोगिक शिक्षा पर ज़्यादा जोर देना.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम के मुताबिक स्वचालन से एकाउंटिंग जैसी कई सफ़ेदपोश नौकरियों को ख़तरा होगा, जबकि ओईसीडी (OECD) का कहना है कि कम कौशल वाली नौकरियों पर सबसे ज़्यादा संकट होगा और शिक्षा एवं आमदनी के बीच मज़बूत संबंध बना रहेगा.

दोनों ही स्थितियों में, श्रमिकों की कुशलता पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से पुरानी पड़ती जा रही है.

वैश्विक सलाहकार फ़र्म डेलॉयट के फ़्यूचर ऑफ़ वर्क सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के प्रमुख इंद्रनील रॉय कहते हैं, "एक पीढ़ी पहले तक कोई कुशलता करीब 26 साल में पुरानी पड़ने लगती थी. आज वह करीब साढ़े चार साल में ही पुरानी पड़ जाती है."

एऑन बदलाव की तेज़ गति को अनिवार्य रूप से नकारात्मक नहीं मानते. विश्वविद्यालयों को आजीवन शिक्षा देने और करियर के बीच में ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित करना होगा.

वह कहते हैं, "हम लगातार पुराने पड़ते जा रहे हैं. कुछ मायनों में यह हम सब के लिए खुद को फिर से शिक्षित और अपडेट करने का बड़ा मौका है. जो ऐसा कर पाएंगे, वे तरक्की करने में सक्षम होंगे."

कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की वर्तमान शिक्षा प्रणाली इस नई वास्तविकता के लिए तैयार नहीं है.

बहुत सारे विश्वविद्यालय चार साल के स्नातक पाठ्यक्रमों और अकादमिक शोध पर ज़्यादा ध्यान देते हैं.

एऑन कहते हैं कि छात्रों को स्नातक बनाने जितना ही महत्वपूर्ण है उनको मानविकी में मास्टर करने में मदद करना.

Friday, February 1, 2019

वैज्ञानिकों ने जैली जैसी दवा बनाई, पेट में जाकर इसका आकार बढ़ेगा; ट्यूमर-अल्सर का पता चलेगा

मैसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के वैज्ञानिकों ने जैली जैसी दवा (गोली) बनाई है जो पेट में जाने के बाद अपना आकार बढ़ाएगी। इस दवा से पेट में पल रहे ट्यूमर या अल्सर का पता लगाया जा सकेगा। यह गोली पफर फिश से प्रेरणा लेकर बनाई गई है जो खतरा सामने होने पर गुब्बारे की तरह अपना आकार बढ़ा लेती है।

दो हाइड्रोजेल से बनाई गई दवा
इस गोली को दो किस्म के हाइड्रोजेल से बनाया गया है। इसका अंदरूनी हिस्सा सोखने वाले पार्टिकल्स से, जबकि बाहरी हिस्सा सुरक्षात्मक झिल्ली से तैयार किया गया है।

दवा को स्थिरता देने के लिए इसे जैली से बनाया गया है। इसके चलते यह पेट में जल्द ही आकार बढ़ा लेगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि कैल्शियम के घोल को गोली से किसी भी समय हटाया जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने लैब में गोली का प्रयोग किया। इसे पानी में डाला गया। पानी में पेट में पाए जाने वाले जठर रस भी मिलाए गए। 15 मिनट में ही गोली अपने मूल आकार से 100 गुना ज्यादा फूल गई।

फिलहाल इस गोली का सुअरों पर परीक्षण किया गया है। सुअर के पेट-आंतों की संरचना इंसान जैसी ही मानी जाती है। गोली में टेम्परेचर सेंसर लगाकर इसे सुअरों को खिलाया गया। गोली से पेट के अंदर की 30 दिनों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।

एमआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर शुआनहे झाओ का कहना है कि हमारा मकसद एक ऐसी स्मार्ट गोली तैयार करना था जिससे मरीज के पेट की स्थिति पर लंबे समय तक नजर रखी जा सके। इसमें लगे सेंसरों से बैक्टीरिया और वायरस की पहचान हो सकेगी। वैज्ञानिक गोली में एक सूक्ष्म कैमरा लगाने के बारे में भी विचार कर रहे हैं ताकि ट्यूमर में बढ़ोतरी देखी जा सके।

आयकर में मिलेगी राहत?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अंतरिम बजट 2019 में (interim budget 2019) आयकर ( income tax) में छूट का दायरा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए तक किया जा सकता है। लोकसभा चुनाव नज़दीक है लिहाज़ा इस बात की पूरी संभावना है कि इनकम टैक्स में छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है। भी 2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स देना पड़ता है। जबकि 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक की इनकम पर 20 फीसदी टैक्स तय है। अगर आपकी आय 10 लाख रुपए से ज्यादा है तो 30 फीसदी इनकम टैक्स लगाया जाता है।

पीयूष गोयल रेलमंत्री भी हैं। इसलिए माना जा रहा है कि अंतरिम बजट में वो रेलवे को लेकर भी कुछ खास घोषणाएं कर सकते हैं। वैसे इस बात की संभावना कम ही है कि यात्रा किराया या फिर माल की ढुलाई पर लगने वाले चार्ज में कुछ राहत दी जाएगी। नई ट्रेनों की घोषणा भी मुमकिन नहीं है। सरकार काफी पहले ही साफ कर चुकी है उसका जोर रेलवे की सेवाओं को बेहतर बनाने पर ज्यादा है। हालांकि, ये माना जा रहा है कि ट्रेन 18 जैसी नई रेलवे परियोजनाओं को लेकर कोई घोषणा इस अंतरिम बजट में की जाए।