Monday, January 7, 2019

227 विधायकों ने शपथ ली, गोपाल भार्गव होंगे नेता प्रतिपक्ष

मध्यप्रदेश की नवगठित 15वीं विधानसभा का सत्र सोमवार से शुरू हो गया। प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना ने पहले दिन 227 विधायकों को शपथ दिलाई। भाजपा विधायक मालिनी गौड़ और यशोधरा राजे सिंधिया ने सोमवार को शपथ नहीं ली। कांग्रेस के एनपी प्रजापति और भाजपा के विजय शाह ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए। सत्र शुरू होने के पहले शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने वंदेमातरम् का गायन किया। वहीं, देर शाम गोपाल भार्गव को भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष बनाने का भी ऐलान कर दिया।

आठवीं बार विधायक बने हैं भार्गव
आठ बार के विधायक गोपाल भार्गव को भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष चुना है। सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की बैठक में लिया गया। केंद्र से आए पर्यवेक्षक और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उनके नाम का ऐलान किया। भार्गव सागर जिले की रहली विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आए हैं। वो वर्तमान विधायकों में सबसे सीनियर हैं। इस पद की रेस में गोपाल भार्गव के साथ ही नरोत्तम मिश्रा भी थे, लेकिन आखिरी मौके पर भार्गव को चुना गया। इसके चुनाव के साथ ही भाजपा ने ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने की कोशिश भी की है। 

10 जनवरी को पेश होगा अनुपूरक बजट

विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पांच बैठक होना प्रस्तावित हैं। मंगलवार को अध्यक्ष के चुनाव के बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 10 जनवरी को 18000 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जिस पर उसी दिन चर्चा होगी। 90 विधायक पहली बार सत्र में शामिल होंगे।

बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने किया ऐलान

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे सोमवार को भोपाल पहुंचे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के साथ उनकी बैठक हुई। इसके बाद राकेश सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की घोषणा की। इससे पहले अध्यक्ष उम्मीदवार के लिए रविवार देर रात तक शिवराज के घर पर दिग्गजों का बैठक हुई। लेकिन निर्णय नहीं हो सका। सूत्रों की मानें तो शिवराज खेमा चुनाव लड़ाने के पक्ष में नहीं था

आज ही तय होगा डिप्टी स्पीकर का नाम

कांग्रेस दल की सोमवार रात एक बार फिर बैठक होगी। इसमें डिप्टी स्पीकर पद के लिए नाम तय किया जाएगा। स्पीकर के लिए चुनाव की स्थिति पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष के लिए प्रत्याशी खड़ा करके नई परंपरा डाली है। सदन में कल सब कुछ साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हम जीत के प्रति आश्वस्त हैं। प्रोटेम स्पीकर के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि वे खुद लोकसभा में प्रोटेम स्पीकर रह चुके हैं। इसलिए कोई उन्हें नियम न समझाए।

'वंदेमातरम् देशभक्ति का पर्याय'

विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले शिवराज ने कहा कि भारत माता का गान वंदेमातरम् देशभक्ति का पर्याय है। अब सरकार इसे अलग रूवरूप में शुरू करने की बात कह रही है। वंदेमातरम् का स्वरूप सिर्फ भारत माता की जय होता है, दूसरा कोई स्वरूप नहीं होता।

वंदेमातरम् का गायन नहीं होने पर हुआ था विवाद

भाजपा सरकार के दौरान हर माह की पहली तारीख को हाेने वाला वंदेमातरम् का गायन इस साल 1 जनवरी को नहीं हुआ था। इस पर विवाद बढ़ने पर कमलनाथ सरकार ने एक दिन बाद ही नए स्वरूप में वंदेमातरम् शुरू करने की घोषणा की थी। इसमें सरकार ने जनता की सहभागिता की बात भी कही थी।

No comments:

Post a Comment