Sunday, November 11, 2018

'मोदी बड़े नेता, पर 2014 जैसी हवा बनाना मुश्किल'

जनता दल (यूनाइटेड) पार्टी के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा है, "नरेंद्र मोदी बेशक एक बड़े नेता हैं. लेकिन साल 2014 जैसी हवा दोबारा बनाना उनके लिए बहुत मुश्किल होगा."

प्रशांत किशोर ने शनिवार को इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के एक इवेंट में ये बात कही.

प्रशांत किशोर ने कहा, "हो सकता है कि बिहार इस बार उत्तर प्रदेश की तुलना में कुछ अलग ढंग से मतदान करे. साल 2014 के मुकाबले इस बार यूपी-बिहार और गुजरात-राजस्थान में मतदान अलग तरह से हो सकता है."

प्रशांत किशोर ने माना कि बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव अब भी एक बड़ा फ़ैक्टर हैं.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का मूल्यांकन उनके काम के आधार पर होना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राम मंदिर मामले का फ़ैसला जल्द से जल्द करना चाहिए.

शिवसेना ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने कुछ जगहों के नाम बदले हैं और अयोध्या में राम की मूर्ति बनाने की घोषणा की है. ये सब आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र भाजपा का 'लॉलीपॉप' है.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में इस बारे में विस्तार से लिखा है.

पार्टी ने लिखा है, ''योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति बनायी जाएगी. लेकिन सैकड़ों शहीद कारसेवकों की माँग राम मंदिर की थी न कि उनकी मूर्ति बनवाने की.''

शिवसेना ने कहा है कि भाजपा सरकार लोगों को गुमराह करने के लिए अयोध्या कार्ड खेल रही है क्योंकि वो सभी मोर्चों पर विफल रही है.

राजन बोले- 'नोटबंदी और जीएसटी, दो बड़े झटके'
रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने नोटबंदी और जीएसटी, दोनों को भारत की आर्थिक वृद्धि की राह में आने वाली ऐसी बड़ी अड़चन बताया है जिन्होंने पिछले साल भारत की वृद्धि की रफ़्तार को प्रभावित किया.

राजन ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि 7 प्रतिशत की मौजूदा वृद्धि दर देश की ज़रूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है.

राजन ने वैश्विक वृद्धि के प्रति भारत के संवेदनशील होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि भारत अब काफ़ी खुली अर्थव्यवस्था है. यदि विश्व वृद्धि करता है तो भारत भी वृद्धि करता है.

उन्होंने कहा, ''साल 2017 में ये हुआ कि विश्व की वृद्धि के गति पकड़ने के बाद भी भारत की रफ़्तार सुस्त पड़ी. इससे पता चलता है कि इन झटकों (नोटबंदी और जीएसटी) ने वास्तव में भारत की अर्थव्यवस्था को गहरे झटके दिये. इन झटकों के कारण भारत को ठिठकना पड़ा.

भारत-वेस्ट इंडीज़ का आख़िरी टी-20 मुक़ाबला
भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच रविवार को तीसरा और आख़िरी ट्वंटी-20 मैच खेला जाएगा.

ये मैच चेन्नई के चेपक स्टेडियम में खेला जाएगा. भारतीय टीम की नज़र इस मैच में जीत के साथ क्लीन स्वीप करने पर टिकी होगी.

टी-20 सिरीज़ के पहले दो मैच भारत अपने नाम कर चुका है. वहीं वनडे सिरीज़ में भारत को अच्छी टक्कर देने के बाद वेस्टइंडीज़ की टीम टी-20 में पूरी तरह से नाकाम रही है.

चेपक स्टेडियम की पिच पर आमतौर पर स्पिन को मदद मिलती है, लेकिन ओंस पड़ने से हालात बदल सकते हैं.

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