Monday, November 19, 2018

ये पांच दिलाएंगी भारत को वर्ल्ड टी-20 ताज

पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, पूर्व उप विजेता न्यूज़ीलैंड और पाकिस्तान पर धमाकेदार जीत

ये है वेस्ट इंडीज़ में चल रहे महिला वर्ल्ड टी-20 टूर्नामेंट में भारतीय टीम का अब तक का प्रदर्शन. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारतीय महिला टीम से इस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद शायद ही किसी को रही होगी.

बीते शनिवार को भारत ने पूल बी के अपने चौथे और आखिरी मुक़ाबले में साल 2012, 2014 और 2016 की चैंपियन रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को 48 रन से करारी मात दी. इसके साथ ही भारतीय महिला टीम ने साल 2010 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में भी जगह बना ली. भारतीय टीम अपने पूल में पहले नंबर पर रही.

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आईसीसी महिला विश्व टी-20 टूर्नामेंट पहली बार साल 2009 में इंग्लैंड में आयोजित किया गया. तब भी भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल में पहुंची. लेकिन इसके बाद साल 2012, 2014 और 2016 में वह ग्रुप दौर से आगे नही बढ़ सकी.

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराने से पहले न्यूज़ीलैंड को 34 रन से, पाकिस्तान को सात विकेट से और आयरलैंड को 52 रन से मात दी.

अब भारत के अब तक के सफर की कामयाबी में अपने खेल से छाने वाली खिलाड़ियों की बात.

ये टी-20 क्रिकेट में किसी भी भारतीय महिला खिलाड़ी का पहला शतक था. बाद में उन्होंने राज़ खोला कि उनकी कमर में दर्द था जिसकी वजह से उन्होंने एक-एक रन लेने की जगह गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर भेजकर आराम से रन बनाने की रणनीति बनाई.

खैर जो भी हो उनका प्लान कामयाब रहा. इसके बाद हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ भी 43 रन बनाकर टीम को संभाला. वो अब तक टूर्नामेंट में 12 छक्के जड़ चुकी हैं जो एक रिकॉर्ड है.

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दरअसल कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान के ख़िलाफ हुए मुक़ाबले में टीम के अहम खिलाडियों और कोच से बात करने के बाद यह निर्णय लिया कि मिताली राज स्पिन को अच्छा खेलती है इसलिए उन्हे मध्यम क्रम के स्थान पर सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर इस्तेमाल किया जाए.

मिताली राज ने भी इस ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए 56 रनों की पारी खेली. भारत के सामने जीत के लिए 134 रनों का लक्ष्य था जो उसने 19वें ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल किया. इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि हरमनप्रीत कौर का अनुमान कितना सही था.

इसके बाद मिताली राज ने आयरलैंड के ख़िलाफ भी 51 रन बनाए. लगातार दो अर्धशतक जमाने के बाद उन्होंने अपने आलोचकों को भी जवाब दे दिया जो उन्हे केवल टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट की बल्लेबाज़ मानते थे.

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