Monday, March 18, 2019

राजकीय सम्मान के साथ विदा होंगे मनोहर पर्रिकर, आधा झुकेगा तिरंगा

गोवा के मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर शायद ज़िंदगी के आख़िरी वक़्त तक राजनीतिक और सार्वजनिक रूप से सक्रिय रहे.

पिछले एक साल से अग्नाशय के कैंसर से जूझते पर्रिकर का 63 वर्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया. उनका अमरीका के साथ-साथ नई दिल्ली के एम्स और मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था.

पीआईबी (प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो) के महानिदेशक और भारत सरकार के प्रमुख प्रवक्ता सीतांशु कर ने ट्वीट करके बताया कि केंद्र सरकार ने पर्रिकर ने निधक के बाद 18 मार्च, सोमवार को राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है. सोमवार को भारत की राजधानी दिल्ली समेत, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में भारतीय राष्ट्रध्वज तिरंगा आधा झुका रहेगा.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ पर्रिकर के निधन के बाद उनके सम्मान के तौर पर सोमवार को होने वाली बीजेपी ने केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक समेत अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं.

रविवार शाम 6:30 बजे गोवा मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से सूचना दी गई कि मनोहर पर्रिकर की सेहत बेहद नाज़ुक है और डॉक्टर अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं.

इसके तक़रीबन एक घंटे बाद शाम 7:30 बजे भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्विटर मनोहर पर्रिकर के निधन की ख़बर देते हुए शोक व्यक्त किया.

उन्होंने लिखा, "गोवा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ. उन्होंने दृढ़ता और गरिमा से अपनी बीमारी का सामना किया. सार्वजनिक जीवन में सत्यनिष्ठा और समर्पण के प्रतीक रहे श्री पर्रिकर ने गोवा की और भारत की जो सेवा की है, वह हमेशा याद रखी जाएगी."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार एक के बाद एक ट्वीट किए और उनके निधन दुख ज़ाहिर किया. उन्होंने एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की जिसमें वो मनोहर पर्रिकर हाथ पकड़े नज़र आ रहे हैं. इस तस्वीर में पर्रिकर खुलकर मुस्कुराते नज़र आ रहे हैं.

पीएम मोदी ने लिखा, "श्री मनोहर पर्रिकर एक अतुलनीय नेता थे. एक सच्चे देशभक्त और असाधारण नेता थे. सभी उनकी प्रशंसा करते थे. उनकी विशुद्ध देशसेवा को पीढ़ी दर पीढ़ी याद रखा जाएगा. मैं उनके निधन से बेहद दुखी हूं. उनके परिवार और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति."

इसके बाद अपने अगले दो ट्वीट्स में प्रधानमंत्री ने लिखा, "श्री पर्रिकर आधुनिक गोवा के निर्माता था. उनके ख़ुशमिजाज़ और दोस्तान स्वभाव की वजह से वो कई सालों तक राज्य के पसंदीदा नेता बने रहे. उनकी जन सरोकारी नीतियों ने सुनिश्चिति किया कि गोवा उन्नति की ऊंचाइयां छू सके. रक्षामंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के लिए भारत श्री पर्रिकर का हमेशा ऋणी रहेगा. जब वो रक्षामंत्री थे तब भारत ऐसे कई फ़ैसलों का ग़वाह बना जिससे देश की सुरक्षा क्षमता और रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादकता तो बढ़ी है पूर्व सैनिकों की ज़िंदगियां भी सुधरीं."

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "मैं गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर जी के निधन से बहुत दुखी हूं. उन्होंने एक साल से ज़्यादा वक़्त से भयानक बीमारी से बहादुरी से लड़ रहे थे. उन्हें सभी पार्टियों में पसंद किया जाता था और हर राजनीतिक दल में वो सम्मानित भी थे. वो गोवा के प्रिय बेटों में से एक थे. इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के प्रति मेरी संवदेनाएं."

रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, "भारतीय रक्षा मंत्रालय भूतपूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के निधर पर गहरा शोक व्यक्त करता है. उनके मज़बूत और फ़ैसले लेने में सक्षम नेतृत्व को रक्षा मंत्रालय याद करेगा. श्री पर्रिकर साल 2014-17 तक देश के रक्षामंत्री रहे."

मौजूदा रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखा, "श्री मनोहर पर्रिकर अब इस दुनिया में नहीं हैं. वो एक संजीदा, ईमानदार और संवेदनशील राजनीतिक कार्यकर्ता थे. वो सरल और ज़मीन से जुड़े शख़्स थे. मैंने श्री पर्रिकर से बहुत कुछ सीखा. रक्षामंत्री के तौर पर उन्होंने जिस तरह देश के सुरक्षाबलों का आधुनिक बनाया, उन्हें जिस तरह सक्षम और मज़बूत बनाया... उनका ये योगदान अतुलनीय रहेगा."

भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट में कहा, "मनोहर पर्रिकर जी के देहांत का समाचार सुनकर बहुत दुःख हुआ. हालांकि वो बहुत समय से बीमार थे तो भी मन इसके लिए तैयार नहीं था कि वह हमें इतनी जल्दी छोड़ जाएंगे. मेरे लिए तो वो भाई की तरह थे इसलिए उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है."

कुछ दिनों पहले ही ट्विटर पर आने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पर्रिकर को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, "मनोहर पर्रिकर के शोकाकुल परिवार के लिए मेरी संवेदनाएं. मैं उनसे सिर्फ़ एक ही बार मिली थी, जब वो से दो साल पहले गरिमापूर्ण ढंग मेरी मां से मिलने अस्पताल में आए थे. उनकी आत्मा को शांति मिले."

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