कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि अगर उनकी सरकार आई तो सबसे ग़रीब 20 प्रतिशत परिवारों को सालाना 72,000 रुपए दिए जाएंगे.
दिल्ली में पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा,"इस समय न्यूनतम आमदनी सीमा 12,000 रुपए प्रति माह है, हम चाहते हैं कि अगर कोई परिवार 6000 रुपए कमा रहा है तो उसे 6000 रुपए देकर उसकी आमदनी को 12 हज़ार रुपए तक पहुंचाया जाएगा."
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस 21वीं सदी में इस देश से ग़रीबी को हमेशा के लिए मिटाना चाहती है और ग़रीबों को 6,000 रुपए महीने दिया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों को पैसे दे सकते हैं तो हम ग़रीबों के लिए ये कर सकते हैं.
किसानों को मोदी सरकार की ओर से घोषित छह हज़ार रुपये की सालाना मदद पर तंज कसते हुए राहुल ने कहा कि 3.5 रुपये प्रति दिन दिए जाते हैं और प्राईवेट हवाई जहाज़ वालों को करोड़ों रुपये दे दिए जाते हैं.
ये पूछे जाने पर कि ये स्कीम कितनी व्यावहारिक होगी, उन्होंने कहा,"उन्होंने कहा कि हम चार पांच महीने से स्टडी कर रहे हैं, हमने दुनिया के अर्थशास्त्रियों से बात करने के बाद इसे तैयार किया है."
25 करोड़ लोगों को फायदा मिलने का दावा
राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा में हमने 14 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला.
उन्होंने कहा,"हमने मनरेगा दिया था. हम ये भी करके दिखा देंगे."
"अब ये दूसरा चरण है, अब हम 25 करोड़ लोगों की ग़रीबी ख़त्म करेंगे. हम देश में गरीबी का पूरा ख़ात्मा करना चाहते हैं."
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में सभी लोग काम कर रहे हैं लेकिन बहुत से लोगों की आमदनी बहुत कम है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,"अगर आपकी आमदनी 12,000 रुपए से कम है तो हम उसे वहाँ तक पहुँचा देंगे.
उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस देश का झंडा एक है मगर प्रधानमंत्री की राजनीति से दो हिंदोस्तान बन रहा है - एक अमीरों का और दूसरा गरीबों का, नौजवानों का.
उन्होंने दावा किया कि ये कोई स्कीम नहीं है, बल्कि गरीबी के ख़िलाफ़ अंतिम लड़ाई है.
Monday, March 25, 2019
Monday, March 18, 2019
राजकीय सम्मान के साथ विदा होंगे मनोहर पर्रिकर, आधा झुकेगा तिरंगा
गोवा के मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर शायद ज़िंदगी के आख़िरी वक़्त तक राजनीतिक और सार्वजनिक रूप से सक्रिय रहे.
पिछले एक साल से अग्नाशय के कैंसर से जूझते पर्रिकर का 63 वर्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया. उनका अमरीका के साथ-साथ नई दिल्ली के एम्स और मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था.
पीआईबी (प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो) के महानिदेशक और भारत सरकार के प्रमुख प्रवक्ता सीतांशु कर ने ट्वीट करके बताया कि केंद्र सरकार ने पर्रिकर ने निधक के बाद 18 मार्च, सोमवार को राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है. सोमवार को भारत की राजधानी दिल्ली समेत, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में भारतीय राष्ट्रध्वज तिरंगा आधा झुका रहेगा.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ पर्रिकर के निधन के बाद उनके सम्मान के तौर पर सोमवार को होने वाली बीजेपी ने केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक समेत अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं.
रविवार शाम 6:30 बजे गोवा मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से सूचना दी गई कि मनोहर पर्रिकर की सेहत बेहद नाज़ुक है और डॉक्टर अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं.
इसके तक़रीबन एक घंटे बाद शाम 7:30 बजे भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्विटर मनोहर पर्रिकर के निधन की ख़बर देते हुए शोक व्यक्त किया.
उन्होंने लिखा, "गोवा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ. उन्होंने दृढ़ता और गरिमा से अपनी बीमारी का सामना किया. सार्वजनिक जीवन में सत्यनिष्ठा और समर्पण के प्रतीक रहे श्री पर्रिकर ने गोवा की और भारत की जो सेवा की है, वह हमेशा याद रखी जाएगी."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार एक के बाद एक ट्वीट किए और उनके निधन दुख ज़ाहिर किया. उन्होंने एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की जिसमें वो मनोहर पर्रिकर हाथ पकड़े नज़र आ रहे हैं. इस तस्वीर में पर्रिकर खुलकर मुस्कुराते नज़र आ रहे हैं.
पीएम मोदी ने लिखा, "श्री मनोहर पर्रिकर एक अतुलनीय नेता थे. एक सच्चे देशभक्त और असाधारण नेता थे. सभी उनकी प्रशंसा करते थे. उनकी विशुद्ध देशसेवा को पीढ़ी दर पीढ़ी याद रखा जाएगा. मैं उनके निधन से बेहद दुखी हूं. उनके परिवार और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति."
इसके बाद अपने अगले दो ट्वीट्स में प्रधानमंत्री ने लिखा, "श्री पर्रिकर आधुनिक गोवा के निर्माता था. उनके ख़ुशमिजाज़ और दोस्तान स्वभाव की वजह से वो कई सालों तक राज्य के पसंदीदा नेता बने रहे. उनकी जन सरोकारी नीतियों ने सुनिश्चिति किया कि गोवा उन्नति की ऊंचाइयां छू सके. रक्षामंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के लिए भारत श्री पर्रिकर का हमेशा ऋणी रहेगा. जब वो रक्षामंत्री थे तब भारत ऐसे कई फ़ैसलों का ग़वाह बना जिससे देश की सुरक्षा क्षमता और रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादकता तो बढ़ी है पूर्व सैनिकों की ज़िंदगियां भी सुधरीं."
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "मैं गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर जी के निधन से बहुत दुखी हूं. उन्होंने एक साल से ज़्यादा वक़्त से भयानक बीमारी से बहादुरी से लड़ रहे थे. उन्हें सभी पार्टियों में पसंद किया जाता था और हर राजनीतिक दल में वो सम्मानित भी थे. वो गोवा के प्रिय बेटों में से एक थे. इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के प्रति मेरी संवदेनाएं."
रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, "भारतीय रक्षा मंत्रालय भूतपूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के निधर पर गहरा शोक व्यक्त करता है. उनके मज़बूत और फ़ैसले लेने में सक्षम नेतृत्व को रक्षा मंत्रालय याद करेगा. श्री पर्रिकर साल 2014-17 तक देश के रक्षामंत्री रहे."
मौजूदा रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखा, "श्री मनोहर पर्रिकर अब इस दुनिया में नहीं हैं. वो एक संजीदा, ईमानदार और संवेदनशील राजनीतिक कार्यकर्ता थे. वो सरल और ज़मीन से जुड़े शख़्स थे. मैंने श्री पर्रिकर से बहुत कुछ सीखा. रक्षामंत्री के तौर पर उन्होंने जिस तरह देश के सुरक्षाबलों का आधुनिक बनाया, उन्हें जिस तरह सक्षम और मज़बूत बनाया... उनका ये योगदान अतुलनीय रहेगा."
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट में कहा, "मनोहर पर्रिकर जी के देहांत का समाचार सुनकर बहुत दुःख हुआ. हालांकि वो बहुत समय से बीमार थे तो भी मन इसके लिए तैयार नहीं था कि वह हमें इतनी जल्दी छोड़ जाएंगे. मेरे लिए तो वो भाई की तरह थे इसलिए उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है."
कुछ दिनों पहले ही ट्विटर पर आने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पर्रिकर को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, "मनोहर पर्रिकर के शोकाकुल परिवार के लिए मेरी संवेदनाएं. मैं उनसे सिर्फ़ एक ही बार मिली थी, जब वो से दो साल पहले गरिमापूर्ण ढंग मेरी मां से मिलने अस्पताल में आए थे. उनकी आत्मा को शांति मिले."
पिछले एक साल से अग्नाशय के कैंसर से जूझते पर्रिकर का 63 वर्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया. उनका अमरीका के साथ-साथ नई दिल्ली के एम्स और मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था.
पीआईबी (प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो) के महानिदेशक और भारत सरकार के प्रमुख प्रवक्ता सीतांशु कर ने ट्वीट करके बताया कि केंद्र सरकार ने पर्रिकर ने निधक के बाद 18 मार्च, सोमवार को राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है. सोमवार को भारत की राजधानी दिल्ली समेत, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में भारतीय राष्ट्रध्वज तिरंगा आधा झुका रहेगा.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ पर्रिकर के निधन के बाद उनके सम्मान के तौर पर सोमवार को होने वाली बीजेपी ने केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक समेत अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं.
रविवार शाम 6:30 बजे गोवा मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से सूचना दी गई कि मनोहर पर्रिकर की सेहत बेहद नाज़ुक है और डॉक्टर अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं.
इसके तक़रीबन एक घंटे बाद शाम 7:30 बजे भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्विटर मनोहर पर्रिकर के निधन की ख़बर देते हुए शोक व्यक्त किया.
उन्होंने लिखा, "गोवा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ. उन्होंने दृढ़ता और गरिमा से अपनी बीमारी का सामना किया. सार्वजनिक जीवन में सत्यनिष्ठा और समर्पण के प्रतीक रहे श्री पर्रिकर ने गोवा की और भारत की जो सेवा की है, वह हमेशा याद रखी जाएगी."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार एक के बाद एक ट्वीट किए और उनके निधन दुख ज़ाहिर किया. उन्होंने एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की जिसमें वो मनोहर पर्रिकर हाथ पकड़े नज़र आ रहे हैं. इस तस्वीर में पर्रिकर खुलकर मुस्कुराते नज़र आ रहे हैं.
पीएम मोदी ने लिखा, "श्री मनोहर पर्रिकर एक अतुलनीय नेता थे. एक सच्चे देशभक्त और असाधारण नेता थे. सभी उनकी प्रशंसा करते थे. उनकी विशुद्ध देशसेवा को पीढ़ी दर पीढ़ी याद रखा जाएगा. मैं उनके निधन से बेहद दुखी हूं. उनके परिवार और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति."
इसके बाद अपने अगले दो ट्वीट्स में प्रधानमंत्री ने लिखा, "श्री पर्रिकर आधुनिक गोवा के निर्माता था. उनके ख़ुशमिजाज़ और दोस्तान स्वभाव की वजह से वो कई सालों तक राज्य के पसंदीदा नेता बने रहे. उनकी जन सरोकारी नीतियों ने सुनिश्चिति किया कि गोवा उन्नति की ऊंचाइयां छू सके. रक्षामंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के लिए भारत श्री पर्रिकर का हमेशा ऋणी रहेगा. जब वो रक्षामंत्री थे तब भारत ऐसे कई फ़ैसलों का ग़वाह बना जिससे देश की सुरक्षा क्षमता और रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादकता तो बढ़ी है पूर्व सैनिकों की ज़िंदगियां भी सुधरीं."
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "मैं गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर जी के निधन से बहुत दुखी हूं. उन्होंने एक साल से ज़्यादा वक़्त से भयानक बीमारी से बहादुरी से लड़ रहे थे. उन्हें सभी पार्टियों में पसंद किया जाता था और हर राजनीतिक दल में वो सम्मानित भी थे. वो गोवा के प्रिय बेटों में से एक थे. इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के प्रति मेरी संवदेनाएं."
रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, "भारतीय रक्षा मंत्रालय भूतपूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के निधर पर गहरा शोक व्यक्त करता है. उनके मज़बूत और फ़ैसले लेने में सक्षम नेतृत्व को रक्षा मंत्रालय याद करेगा. श्री पर्रिकर साल 2014-17 तक देश के रक्षामंत्री रहे."
मौजूदा रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखा, "श्री मनोहर पर्रिकर अब इस दुनिया में नहीं हैं. वो एक संजीदा, ईमानदार और संवेदनशील राजनीतिक कार्यकर्ता थे. वो सरल और ज़मीन से जुड़े शख़्स थे. मैंने श्री पर्रिकर से बहुत कुछ सीखा. रक्षामंत्री के तौर पर उन्होंने जिस तरह देश के सुरक्षाबलों का आधुनिक बनाया, उन्हें जिस तरह सक्षम और मज़बूत बनाया... उनका ये योगदान अतुलनीय रहेगा."
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट में कहा, "मनोहर पर्रिकर जी के देहांत का समाचार सुनकर बहुत दुःख हुआ. हालांकि वो बहुत समय से बीमार थे तो भी मन इसके लिए तैयार नहीं था कि वह हमें इतनी जल्दी छोड़ जाएंगे. मेरे लिए तो वो भाई की तरह थे इसलिए उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है."
कुछ दिनों पहले ही ट्विटर पर आने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पर्रिकर को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, "मनोहर पर्रिकर के शोकाकुल परिवार के लिए मेरी संवेदनाएं. मैं उनसे सिर्फ़ एक ही बार मिली थी, जब वो से दो साल पहले गरिमापूर्ण ढंग मेरी मां से मिलने अस्पताल में आए थे. उनकी आत्मा को शांति मिले."
Friday, March 15, 2019
मुंबई ब्रिज हादसा: पुलिस ने बीएमसी कर्मचारियों पर दर्ज किया मामला-पांच बड़ी खबरें
मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) रेलवे स्टेशन के पास एक फुटओवर ब्रिज गिरने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है और 34 लोग ज़ख़्मी हुए हैं.
मध्य रेलवे के प्रवक्ता ने बताया है कि पुल का जो हिस्सा गिरा है वो रेलवे स्टेशन से जुड़ता है लेकिन इसका निर्माण बीएमसी ने किया है.
मुंबई पुलिस के संयुक्त आयुक्त देवेन भारती ने बताया कि फुटओवर ब्रिज हादसे में बीएमसी और रेलवे के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (ए) के तहत लापरवाही के कारण मौत का मामला दर्ज किया है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने मरने वालों के परिजन के लिए पांच लाख रुपये के मुआवज़े की घोषणा की है. साथ ही घायलों के लिए 50 हज़ार रुपये की मदद और मुफ्त इलाज की घोषणा की है.
लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में एक महीने से भी कम वक्त बचा है और इस बीच शुक्रवार को 21 विपक्षी दल आज सुप्रीम कोर्ट पहुंचेंगे.
विपक्षी दलों की मांग है कि कम से कम 50 फीसद ईवीएम मशीनों के वोटों का मिलान वीवीपैट की पर्चियों से किया जाए. इस याचिका पर आज मुख्य न्यायीधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली बेंच सुनवाई करेगी.
याचिकर्ताओं में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडु, एनसीपी नेता शरद पवार, कांग्रेस के नेता के.सी वेणुगोपाल, टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन, समाजवादी पार्टी ने अध्यक्ष अखिलेश यादव, डीएमके नेता एम.के स्टालिन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी गठबंधन चुनाव हारे. कांग्रेस कुछ सीटों पर इस 'गठबंधन' के साथ तालमेल कर सकती है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एक महत्वपूर्ण राज्य है. यहां कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फ़ैसला इसलिए किया क्योंकि इस गठबंधन ने केवल दो सीटों का प्रस्ताव रखा था.
मोइली ने कहा, '' कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी दो सीटों पर समझैता नहीं कर सकती. इसलिए हमने अकेले लड़ने का फ़ैसला किया.''
उन्होंने कहा कि उम्मीदवार उतारने के दौरान गठबंधन के बिना भी सीटों का तालमेल हो सकता है. मोइली ने कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन का मकसद भारतीय जनता पार्टी को हराना है.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. पहली लिस्ट में 12 लोगों का नाम है. इसमें पवार परिवार की सदस्य सुप्रिया सुले का नाम है जो बारामती से चुनाव लड़ेगी.
वहीं संजय दीना पाटिल मुंबई उत्तर से, सतारा सीट से उदयन राजे भोसले एनसीपी के उम्मीदवार होंगे. एनसीपी ने लक्षदीप की सीट पर मोहम्मद फैसल को उम्मीदवार बनाया है.
अमरीकी सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रंप के देश की दक्षिणी सीमा पर दीवार बनाने के लिए आपातकाल शक्तियों के इस्तेमाल के आदेश को रद्द करने के समर्थन में मतदान किया है. रिपब्लिक पार्टी के 12 सीनेटरों ने राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के विरोध में अपनी पार्टी के ख़िलाफ़ जाकर वोट किया है. वोट के कुछ देर बाद ही राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट करके कहा है कि वो इस पर वीटो कर देंगे.
वहीं प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता के एक सहयोगी ने कहा है कि उनकी पार्टी वीटो को रद्द करने के लिए वोट करेगी. वहीं सीनेट में डमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने अपनी पार्टी के ख़िलाफ़ जाकर वोट करने वाले रिपब्लिकन सीनेटरों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ट्रंप जब आगे जाने की कोशिश कर रहे हों तो रिपब्लिकन नेताओं ने ही अब उन पर लगाम लगानी शुरू कर दी है.
उन्होंने कहा, ''हम उम्मीद करते हैं कि इस सप्ताह हो रहे ये मतदान बेहतरी का संकेत साबित हों. रिपब्लिकन बहादुरी दिखाकर, या सिद्धांतों पर चलते हुए या फिर खीज में अब राष्ट्रपति पर लगाम लगा रहे हैं. रिपब्लिकन अब ये समझ रहे हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप की हर बात को मानने के उल्टे नतीजे हो रहे हैं और ऐसा बहुत दिनों तक चल भी नहीं पाएगा.''
मध्य रेलवे के प्रवक्ता ने बताया है कि पुल का जो हिस्सा गिरा है वो रेलवे स्टेशन से जुड़ता है लेकिन इसका निर्माण बीएमसी ने किया है.
मुंबई पुलिस के संयुक्त आयुक्त देवेन भारती ने बताया कि फुटओवर ब्रिज हादसे में बीएमसी और रेलवे के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (ए) के तहत लापरवाही के कारण मौत का मामला दर्ज किया है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने मरने वालों के परिजन के लिए पांच लाख रुपये के मुआवज़े की घोषणा की है. साथ ही घायलों के लिए 50 हज़ार रुपये की मदद और मुफ्त इलाज की घोषणा की है.
लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में एक महीने से भी कम वक्त बचा है और इस बीच शुक्रवार को 21 विपक्षी दल आज सुप्रीम कोर्ट पहुंचेंगे.
विपक्षी दलों की मांग है कि कम से कम 50 फीसद ईवीएम मशीनों के वोटों का मिलान वीवीपैट की पर्चियों से किया जाए. इस याचिका पर आज मुख्य न्यायीधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली बेंच सुनवाई करेगी.
याचिकर्ताओं में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडु, एनसीपी नेता शरद पवार, कांग्रेस के नेता के.सी वेणुगोपाल, टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन, समाजवादी पार्टी ने अध्यक्ष अखिलेश यादव, डीएमके नेता एम.के स्टालिन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी गठबंधन चुनाव हारे. कांग्रेस कुछ सीटों पर इस 'गठबंधन' के साथ तालमेल कर सकती है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एक महत्वपूर्ण राज्य है. यहां कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फ़ैसला इसलिए किया क्योंकि इस गठबंधन ने केवल दो सीटों का प्रस्ताव रखा था.
मोइली ने कहा, '' कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी दो सीटों पर समझैता नहीं कर सकती. इसलिए हमने अकेले लड़ने का फ़ैसला किया.''
उन्होंने कहा कि उम्मीदवार उतारने के दौरान गठबंधन के बिना भी सीटों का तालमेल हो सकता है. मोइली ने कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन का मकसद भारतीय जनता पार्टी को हराना है.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. पहली लिस्ट में 12 लोगों का नाम है. इसमें पवार परिवार की सदस्य सुप्रिया सुले का नाम है जो बारामती से चुनाव लड़ेगी.
वहीं संजय दीना पाटिल मुंबई उत्तर से, सतारा सीट से उदयन राजे भोसले एनसीपी के उम्मीदवार होंगे. एनसीपी ने लक्षदीप की सीट पर मोहम्मद फैसल को उम्मीदवार बनाया है.
अमरीकी सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रंप के देश की दक्षिणी सीमा पर दीवार बनाने के लिए आपातकाल शक्तियों के इस्तेमाल के आदेश को रद्द करने के समर्थन में मतदान किया है. रिपब्लिक पार्टी के 12 सीनेटरों ने राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के विरोध में अपनी पार्टी के ख़िलाफ़ जाकर वोट किया है. वोट के कुछ देर बाद ही राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट करके कहा है कि वो इस पर वीटो कर देंगे.
वहीं प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता के एक सहयोगी ने कहा है कि उनकी पार्टी वीटो को रद्द करने के लिए वोट करेगी. वहीं सीनेट में डमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने अपनी पार्टी के ख़िलाफ़ जाकर वोट करने वाले रिपब्लिकन सीनेटरों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ट्रंप जब आगे जाने की कोशिश कर रहे हों तो रिपब्लिकन नेताओं ने ही अब उन पर लगाम लगानी शुरू कर दी है.
उन्होंने कहा, ''हम उम्मीद करते हैं कि इस सप्ताह हो रहे ये मतदान बेहतरी का संकेत साबित हों. रिपब्लिकन बहादुरी दिखाकर, या सिद्धांतों पर चलते हुए या फिर खीज में अब राष्ट्रपति पर लगाम लगा रहे हैं. रिपब्लिकन अब ये समझ रहे हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप की हर बात को मानने के उल्टे नतीजे हो रहे हैं और ऐसा बहुत दिनों तक चल भी नहीं पाएगा.''
Monday, March 11, 2019
भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव के बीच प्यार की कहानी
भारत और पाकिस्तान के बीच उलझे रिश्तों की गांठें सुलझने में भले थोड़ा वक़्त लगे लेकिन सरहद के इस पार और उस पार रह रहे दो लोगों के दिलों के धागे जुड़ गए है.
ये प्रेम कहानी है पाकिस्तान के सियालकोट में रहने वाली किरन सरजीत और भारत के अंबाला के रहने वाले लड़के परविंदर सिंह की. 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमला के बाद इनकी शादी की तारीख आगे बढ़ा दी गई थी. अब तमाम कोशिशों के बाद उन्होंने शनिवार को इस रिश्ते को शादी का नाम दिया.
दोनों की शादी सिख रीति रिवाज़ों के साथ पटियाला के एक गुरूद्वारे में हुई. पुलवामा हमले के बाद ये पहली शादी है जो इन दोनों देशों के बाशिंदों के बीच हो रही है. इन दोनों परिवारों के लोग चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच रिश्ते जल्द से जल्द बेहतर हों.
किरन की मुलाकात परविंदर से साल 2014 में हुई थी. उस वक्त उनकी उम्र 27 साल और परविंदर की उम्र 33 साल थी. बंटवारे के वक्त किरन का परिवार पाकिस्तान चला गया था. अब किरन भारत 45 दिन के वीज़ा पर आई हैं जो 11 जून 2019 को पूरा होगा.
मीडिया से बात करते हुए परविंदर ने कहा कि अब वो किरन के भारतीय नागरिकता के लिए सरकार से आवेदन करेंगे.
परविंदर ने बताया कि परिवारों ने 2016 में शादी की व्यवस्था की थी और उनके परिवार को शादी की तैयारी के लिए पाकिस्तान जाना था लेकिन पाकिस्तानी उच्चायोग ने उनके वीजा को रद्द कर दिया था.
उन्होंने कहा, "इसलिए परिवारों ने तय किया कि किरन और उसका परिवार भारत आएगा और हम मिल गए.''
किरन पाकिस्तान के एक निजी स्कूल में पढ़ाती हैं. उन्होंने कहा, "हमारी शादी शांति के सकारात्मक संकेत देगी."
दुल्हन किरन के पिता सुरजीत चीमा ने कहा, "हमारे बच्चों की शादी भी दोनों सरकारों को एक संदेश देती है कि दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद भी लोग मिलना चाहते हैं और संबंधों को बेहतर बनाने में व्यस्त हैं. अगर शांति बनी रहती है तो ये दोनों देशों के आम लोगों के लिए बेहतर होगा."
ये प्रेम कहानी है पाकिस्तान के सियालकोट में रहने वाली किरन सरजीत और भारत के अंबाला के रहने वाले लड़के परविंदर सिंह की. 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमला के बाद इनकी शादी की तारीख आगे बढ़ा दी गई थी. अब तमाम कोशिशों के बाद उन्होंने शनिवार को इस रिश्ते को शादी का नाम दिया.
दोनों की शादी सिख रीति रिवाज़ों के साथ पटियाला के एक गुरूद्वारे में हुई. पुलवामा हमले के बाद ये पहली शादी है जो इन दोनों देशों के बाशिंदों के बीच हो रही है. इन दोनों परिवारों के लोग चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच रिश्ते जल्द से जल्द बेहतर हों.
किरन की मुलाकात परविंदर से साल 2014 में हुई थी. उस वक्त उनकी उम्र 27 साल और परविंदर की उम्र 33 साल थी. बंटवारे के वक्त किरन का परिवार पाकिस्तान चला गया था. अब किरन भारत 45 दिन के वीज़ा पर आई हैं जो 11 जून 2019 को पूरा होगा.
मीडिया से बात करते हुए परविंदर ने कहा कि अब वो किरन के भारतीय नागरिकता के लिए सरकार से आवेदन करेंगे.
परविंदर ने बताया कि परिवारों ने 2016 में शादी की व्यवस्था की थी और उनके परिवार को शादी की तैयारी के लिए पाकिस्तान जाना था लेकिन पाकिस्तानी उच्चायोग ने उनके वीजा को रद्द कर दिया था.
उन्होंने कहा, "इसलिए परिवारों ने तय किया कि किरन और उसका परिवार भारत आएगा और हम मिल गए.''
किरन पाकिस्तान के एक निजी स्कूल में पढ़ाती हैं. उन्होंने कहा, "हमारी शादी शांति के सकारात्मक संकेत देगी."
दुल्हन किरन के पिता सुरजीत चीमा ने कहा, "हमारे बच्चों की शादी भी दोनों सरकारों को एक संदेश देती है कि दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद भी लोग मिलना चाहते हैं और संबंधों को बेहतर बनाने में व्यस्त हैं. अगर शांति बनी रहती है तो ये दोनों देशों के आम लोगों के लिए बेहतर होगा."
Tuesday, March 5, 2019
अंतरिक्ष की सैर कराने के लिए स्पेस एक्स ने भरी उड़ान
स्पेस एक्स कंपनी ने फ़्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से एक रॉकेट का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है जो इंसानों को अंतरिक्ष में ले जाने के इरादे से बनाया गया है.
इस रॉकेट में फिलहाल किसी इंसान को नहीं भेजा गया है लेकिन सब कुछ ठीक रहा तो अमरीकी स्पेस एजेंसी इसे मंज़ूरी दे सकती है जिसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने का रास्ता साफ़ हो जाएगा.
स्पेस एक्स के संस्थापक एलन मस्क ने कहा है कि स्पेस के कमर्शियल टूरिज़्म की दिशा से ये पहला क़दम साबित हो सकता है.
साल 2011 में अपने शटल रिटायर होने के बाद अमरीका अपने बूते किसी अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में नहीं भेज पाया है.
अमरीका इसके लिए रूसी सोयूज़ यानों का इस्तेमाल कर रहा है.
11 मिनिट के सफ़र के बाद स्पेस एक्स का फॉल्कन 9 रॉकेट और ड्रेगन क्रू कैप्सूल उस मार्ग पर थे जिस पर बढ़कर रविवार को एक निर्धारित समय और स्थान पर उसका इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से मेल होगा.
इसमें भले ही कोई अंतरिक्ष यात्री नहीं है, लेकिन एक कृत्रिम अंतरिक्ष यात्री को इसमें ज़रूर भेजा गया है.
इसमें सेंसर लगाए गए हैं जो ये बताएंगे कि इसमें सवार इंसान को किस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा.
इस कृत्रिम अंतरिक्ष यात्री को स्पेस एक्स ने 'रिपली' नाम दिया है जो एलियन मूवीज़ का एक किरदार है.
स्पेस एक्स, कैलिफोर्निया की कंपनी है. एलन मस्क ने इसे स्पेस में कमर्शियल टूरिज्म के इरादे से बनाया है.
रॉकेट लांच के बाद एलन मस्क ने संवाददाताओं से कहा, ''साल 2002 से यहां तक पहुंचने में 17 साल लग गए. सच कहूं तो मैं भावनात्मक रूप से थोड़ा तनाव में आ गया था क्योंकि ये 'सुपर स्ट्रेसफुल' था.''
उन्होंने कहा, ''हमारा फोकस नासा की ज़रूरतों को पूरा करने पर है. लेकिन ड्रैगन कैप्सूल ठीक से काम करने लगे, उसके बाद कमाई के हिसाब से कस्टमर्स की तलाश करेंगे. नासा का रवैया इस मामले में सकारात्मक रहा है.''
इस रॉकेट में फिलहाल किसी इंसान को नहीं भेजा गया है लेकिन सब कुछ ठीक रहा तो अमरीकी स्पेस एजेंसी इसे मंज़ूरी दे सकती है जिसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने का रास्ता साफ़ हो जाएगा.
स्पेस एक्स के संस्थापक एलन मस्क ने कहा है कि स्पेस के कमर्शियल टूरिज़्म की दिशा से ये पहला क़दम साबित हो सकता है.
साल 2011 में अपने शटल रिटायर होने के बाद अमरीका अपने बूते किसी अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में नहीं भेज पाया है.
अमरीका इसके लिए रूसी सोयूज़ यानों का इस्तेमाल कर रहा है.
11 मिनिट के सफ़र के बाद स्पेस एक्स का फॉल्कन 9 रॉकेट और ड्रेगन क्रू कैप्सूल उस मार्ग पर थे जिस पर बढ़कर रविवार को एक निर्धारित समय और स्थान पर उसका इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से मेल होगा.
इसमें भले ही कोई अंतरिक्ष यात्री नहीं है, लेकिन एक कृत्रिम अंतरिक्ष यात्री को इसमें ज़रूर भेजा गया है.
इसमें सेंसर लगाए गए हैं जो ये बताएंगे कि इसमें सवार इंसान को किस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा.
इस कृत्रिम अंतरिक्ष यात्री को स्पेस एक्स ने 'रिपली' नाम दिया है जो एलियन मूवीज़ का एक किरदार है.
स्पेस एक्स, कैलिफोर्निया की कंपनी है. एलन मस्क ने इसे स्पेस में कमर्शियल टूरिज्म के इरादे से बनाया है.
रॉकेट लांच के बाद एलन मस्क ने संवाददाताओं से कहा, ''साल 2002 से यहां तक पहुंचने में 17 साल लग गए. सच कहूं तो मैं भावनात्मक रूप से थोड़ा तनाव में आ गया था क्योंकि ये 'सुपर स्ट्रेसफुल' था.''
उन्होंने कहा, ''हमारा फोकस नासा की ज़रूरतों को पूरा करने पर है. लेकिन ड्रैगन कैप्सूल ठीक से काम करने लगे, उसके बाद कमाई के हिसाब से कस्टमर्स की तलाश करेंगे. नासा का रवैया इस मामले में सकारात्मक रहा है.''
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